hirakund bandh | विश्व का सबसे लंबा बांध,किस नदी पर कहाँ स्थित है ,बांध की क्षमता,लम्बाई और विस्तार |

इस लेख मे ;-

हीराकुंड बांध कहां स्थित है

किस नदी पर स्थित है हीराकुंड बांध

हीराकुंड बांध की क्षमता

हीराकुंड बांध की लंबाई

हीराकुंड बांध के लाभ

बांध को देखने का उपयुक्त मौसम

पहुंच मार्ग

F.A.Q.

1947 में अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद, पिछड़ापन ,बेरोजगारी, अशिक्षा ,अभाव भुखमरी, गरीबी से आजादी प्राप्त करने की आवश्यकता महसूस हुई, इसके लिए कृषि और उद्योग धंधों के विकास पर जोर दिया गया | देश में बड़े-बड़े उद्योगों की स्थापना और कृषि के विकास के लिए बड़े-बड़े बांधों के निर्माण की योजना बनाई गई |
इन्हीं बांधों में से एक प्रमुख बांध हीराकुंड बांध है, जिसने कृषि और सिंचाई के क्षेत्र को अभूतपूर्व विस्तार दिया |
आजादी के बाद अप्रैल 1948 में इसका निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और 5 वर्ष के बाद वर्ष 1953 में यह बांध लगभग बनकर तैयार हो गया था | 4 वर्ष और छोटे-मोटे संरचनाओं के निर्माण के बाद 1957 में यह पूरी तरह से ऑपरेशनल हो गया |
हीराकुंड या महा नदी घाटी परियोजना देश की सबसे पहली नदी घाटी परियोजना थी, जिसमें हीराकुंड बांध के अलावा उड़ीसा में दो और बांध बनाए गए हैं पहला टिक्कर पाड़ा बांध दूसरा नराज बांध |

हीराकुंड बांध कहां स्थित है

यह बांध उड़ीसा राज्य के संबलपुर जिले में स्थित है, जो उड़ीसा का पश्चिमी जिला है और यह जिला छत्तीसगढ़ से अपनी सीमाएं साझा करता है |
हीराकुंड बांध संबलपुर शहर से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इस बांध के निर्माण स्थल पर हीराकुंड गांव बसा हुआ था जिससे इसे इसका नाम मिला है |

किस नदी पर स्थित है हीराकुंड बांध

हीराकुंड बांध का निर्माण महानदी पर किया गया है, यह नदी छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित जिला, धमतरी से निकलती है और लगभग 246 किलोमीटर छत्तीसगढ़ में प्रवाहित होने के बाद उड़ीसा राज्य में प्रवेश कर जाती है|
महानदी अत्यंत विशाल नदी है, जिसका उद्गम धमतरी जिले के सिहावा पर्वत से होता है, छत्तीसगढ़ में यह नदी उत्तर पूर्व की ओर प्रवाहित होती है, छत्तीसगढ़ में यह नदी अत्यंत पवित्र मानी जाती है छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थल इस नदी के तट पर स्थित है |
हीराकुंड बांध से पहले छत्तीसगढ़ में भी इस नदी पर दो बड़े बांध बनाए गए हैं रुद्री बांध और  गंगरेल या रविशंकर बांध ।रविशंकर बांध छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध है, इस प्रकार इस नदी पर 2 राज्यों और विश्व का सबसे बड़ा और लंबा बांध निर्मित है।

हीराकुंड बांध की क्षमता

विश्व के सबसे लंबे बांध की क्षमता तो निश्चित ही अद्भुत है, यदि जल धारण क्षमता का विचार करें तो 800 करोड़ घन मीटर से भी अधिक जल बांध के पीछे इकट्ठा होता है |
इस बांध का जलाशय् जो एशिया का सबसे बड़ा कृत्रिम झील है का विस्तार 133100 वर्ग किलोमीटर में है, जो भारत के कई राज्यों के क्षेत्रफल से भी ज्यादा है |

हीराकुंड बांध की लंबाई

दुनिया का सबसे लंबा बांध निश्चित ही विस्तार में अनोखा और वृहद है | मुख्य बांध की लंबाई 4.8 किलोमीटर जो कि लगभग 5 किलोमीटर के बराबर है | वहीं यदि संपूर्ण तटबंध की बात करें तो इसकी कुल लंबाई 25 किलोमीटर से भी ज्यादा है |

औसत ऊंचाई 60 मीटर या 200 फुट के लगभग है दो पहाड़ियों के बीच बने इस बांध का आकार अद्भुत और विशाल है | बांध के एक छोर पर खड़े होकर दूसरे छोर को स्पष्ट देख पाना असंभव है |

हीराकुंड बांध के लाभ

Hirakund bandh

हीराकुंड बांध बनाने का मुख्य उद्देश्य सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार करना था | बांध के निर्माण से कई लाभ प्राप्त हुए हैं जैसे बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधा, जल विद्युत शक्ति उत्पादन आदि |
इस बांध से 70 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है |
इस बांध पर दो जल विद्युत ग्रह स्थित हैं जिनकी क्षमता 300 मेगावाट है यहां से उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड में विद्युत की सप्लाई होती है |
बड़ी संख्या में पर्यटक, विश्व के सबसे लंबे बांध को देखने के लिए प्रतिवर्ष यहां पहुंचते हैं |

बांध को देखने का उपयुक्त मौसम

यह स्थान मैदानी गर्म् इलाका है, इसलिए गर्मियों में तापमान 40 से 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, और बरसात के मौसम में अच्छी खासी बरसात भी होती है तो, इस बांध को देखने का सबसे उपयुक्त मौसम अक्टूबर से मार्च के मध्य ही है |

पहुंच मार्ग

हीराकुंड बांध को देखने के लिए प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं | हीराकुंड तक पहुंचने के सड़क, रेल और हवाई मार्ग उपलब्ध हैं |

सड़क मार्ग
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर या फिर उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से सड़क मार्ग द्वारा हीराकुंड पहुंचना आसान है | सार्वजनिक परिवहन के साधन (बस टैक्सी) आसानी से उपलब्ध है |
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 6 जो कि कोलकाता को मुंबई से जोड़ता है संबलपुर से होकर गुजरता है |
रेल मार्ग
हीराकुंड बांध से निकटतम रेलवे स्टेशन संबलपुर है, मुंबई कोलकाता मुख्य रेल लाइन संबलपुर से होकर गुजरती है, साथ ही उड़ीसा के अन्य शहरों से संबलपुर रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है |
हवाई मार्ग
नजदीकी दो हवाई अड्डे प्रमुख हैं, पहला स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रायपुर जो लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |
दूसरा बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भुवनेश्वर जो कि लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | रायपुर और भुवनेश्वर से सड़क और रेल मार्ग से संबलपुर पहुंचा जा सकता है |

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    F.A.Q.

प्रश्न –हीराकुंड कौन से राज्य में है ?
उत्तर – हीराकुंड बांध उड़ीसा राज्य में स्थित है |

प्रश्न—हीराकुंड बांध की लंबाई कितनी है ?
उत्तर—हीराकुंड बांध की लंबाई 4.8 किलोमीटर है और सारे तटबंधो  के साथ इस बांध की लंबाई 25 किलोमीटर के आसपास है |

प्रश्न—  संबलपुर में कौन सा बांध है ?
उत्तर— संबलपुर में हीराकुंड बांध स्थित है जो संबलपुर शहर से 16 किलोमीटर की दूरी पर है |

प्रश्न— भारत का सबसे ऊंचा बांध कौन सा है ?
उत्तर— भारत का सबसे ऊंचा बांध उत्तराखंड राज्य में स्थित टिहरी बांध है जिसकी ऊंचाई 260 मीटर है |

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