Maharaj Pravir Chand Bhanj Dev

बस्तर के इतिहास के बारे में बहुत सारी जानकारी तत्कालीन महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव की लिखी पुस्तकें बताती हैं । जिनमें लोहंडीगुड़ा तरंगिनी जो 104 पृष्ठ का है तथा एक अन्य किताब आई प्रवीर दी आदिवासी गाॅड है । 200 पृष्ठों की लिखी ये पुस्तकें प्रवीर चंद्र भंजदेव के राजनीतिक विचारों को दर्शाती है। महाराजा के … Read more

बस्तर दशहरा

बस्तर में दशहरे का इतिहास 612 वर्ष पुराना है। आस्था और परस्पर सहायोग का प्रतीक बस्तर दशहरे की शुरूआत 1408 में काकतीय महाराजा पुरषोत्तम देव ने की थी । इसमें खास बात यह है कि यह त्यौहार राम की रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में नहीं मनाई जाती है। तो फिर क्यों मनाई … Read more

Rulers of Bastar

विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियों के लिए मिले सामग्रियों की तमाम जानकारियां इकठ्ठा करने के बाद जो निकल आया है उसे मैने एक जगह समेटने का प्रयास किया है । प्रस्तुत ब्लाॅग में दी गई ज्यादातर आंकडे व जानकारियों स्थानीय साहित्यकार, लेखक और विचारकों के हैं । जिसे मैने लिपि बद्ध की है। जैसे पं. … Read more

Nagarnar Steel Plant Jagdalpur

नगरनार स्टील प्लांट जिला मुख्यालय जगदलपुर से 18 किमी दूर जगदलपुर उड़िसा मार्ग पर नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना की जा रही है इस दिषा में कोक आवन बैटरी की हिटींग की प्रकिया भी आरम्भ हो चुकी है। यह प्लांट अगर तैयार हो जाता है।तो तीन मिलिअन टन सालाना उत्पादन होगा हालांकि इसमें अभी देर … Read more

Bodhghat Project

बस्तर जिले में नगरनार स्टील प्लांट और बोधघाट परियोजना एसी आद्योगिक इकाईयां हैं बस्तर संभाग में हैं और लोग उनके बारे में काफी जानना चाहते हैं । नगरनार जो जगदलपुर शहर से महज 18 किमी दूर उड़िसा रोड पर है। तो बोधघाट परियोजना गीदम से महज 20 किमी दूर बारसूर नामक एक एतिहासिक नगरी पर … Read more

बस्तर में भूमकाल

15 अगस्त को पूरा देश आजादी की वर्षगांठ मनाता है, हमें अनगिनत कुर्बानियों के बाद 200 साल की गुलामी से आजाद हुए, ब्रिटिश अन्याय का डटकर मुकाबला किया आज की पीड़ी शायद गुंडाधुर के नाम से परिचित होगी। क्योंकि कई शैक्षणिक संस्थाएं और संगठन इस नाम से चल रहीं हैं। आईए जानते हैं कौन थे … Read more

बस्तर के मेले और मड़ई

बस्तर में प्रमुख रूप से कौन कौन से मेलों का आयोजन होता है? और उनके क्या धार्मिक महत्व होते हैं ? वर्तमान में कुछ ऐसे मेले मड़ई है जिन्हें छत्तीसगढ़ शासन बाकायदा प्रायोजित करती है। और इन्हें आज महोत्सव का दर्जा मिल गया है। दरअसल एक जमाना था जब इन्हें भी मेला या मड़ई ही … Read more

Bali Festival

Bali Festival क्या है? मुझे बकावण्ड ब्लाॅक में ही कुछ जगहों पर जाने का अवसर मिला जहां कुछ अद्भुत नजारे देखने को मिले । सामाजिक कार्यकर्ता असित शेखर नायक के साथ बकावण्ड के धोबीगुड़ा इलाके से होते हुए ग्राम पंचायत उलनार और टलनार हम पहॅुंचे जहां एक अनोखी परम्परा के बारे में जानकारी मिली जिसे … Read more

Nag Dynasty In Bastar

प्रारंभिक इतिहास बस्तर में काकतीय वंश के पहले नाग वंश का शासन था। बस्तर के बारे में पूरा इतिहास जानने के लिए नागवंशों के बारे में जानना जरूरी है। बस्तर में नागवंशीय शासकों की दो शाखाएं थीं इनके अपने चिन्ह थे प्रथम शाखा का चिन्ह शावक संयुक्त व्याघ्र था तो दूसरी शाखा का चिन्ह कमल-कदली … Read more

Dalpat Sagar

दलपत सागर बस्तर के इतिहास पर यदि नजर डालें तो दसवीं-ग्यारहवीं शताब्दी से तालाबों का समृद्ध इतिहास मिलता है। छोटे-छोटे रियासत, जमींदारियों में अथवा रियासतकालीन राजधानियों में तालाबों का उल्लेख आता है। उन ऐतिहासिक तालाबों में से आज भी कुछ तालाब विद्यमान हैं। रियासतकालीन छिंदक नागवंशीय राजाओं की राजधानी हो या फिर चालुक्यवंशीय राजाओं की … Read more