वर्ष 2025 में 10 छत्तीसगढ़ी फिल्में

वर्ष 2025 में 10 छत्तीसगढ़ी फिल्में रिलीज हुई जिनमें 4 हिट रहीं । सटीक कमाई (बॉक्स ऑफिस कलेक्शन) के आंकड़े आधिकारिक तौर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए सार्वजनिक रूप से कम उपलब्ध होते हैं, लेकिन सुहाग और का इहीला कइथे मया को 2025 का सबसे बड़ा हिट माना जा रहा है तकनीकी पक्ष की बात कहें तो फिल्म दंतेला ने छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण की एक नई परिभाषा दी है । इसके अलावा बस्तर के कलाकारों को लेकर अविनाश प्रसाद की निर्देशित  फिल्म माटी खूब चर्चाओं में रही । नक्सलवाद और प्रेम कहानी के सुंदर चित्रण के चलते इस फिल्म ने खूब नाम कमाया ।
2025 में रिलीज़ हुई और चर्चा में रहीं प्रमुख छत्तीसगढ़ी फिल्में इस प्रकार हैं
धनेश के आराधना: यह फिल्म 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई, जिसमें धनेश साहू और आराधना साहू मुख्य भूमिका में हैं।
ओह तेरी : एल्सा घोष और रजनीश झांझी अभिनीत यह सस्पेंस और कॉमेडी फिल्म 19 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में आई।
सुहाग:  (वचन मा बंधे मया के कहानी)ः यह फिल्म छत्तीसगढ़ी पारिवारिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित है।
हाय पैसा: मन कुरैशी और आकाश सोनी अभिनीत यह क्राइम कॉमेडी 5 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई।
दंतेला: 29 अगस्त 2025 को रिलीज़ हुई यह एक हॉरर-थ्रिलर फिल्म है।
का इहीला कइथे मया:  मन और इशिका यादव अभिनीत इस फिल्म को अक्टूबर 2025 में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों के लिए चर्चा में देखा गया।
जिमीकांदा अनुपम भार्गव द्वारा निर्देशित यह फिल्म मई 2025 में रिलीज़ हुई थी।
मोही डारे करण खान और शालिनी विश्वकर्मा अभिनीत यह एक्शन ड्रामा 22 अगस्त 2025 को रिलीज़ हुआ।
माटी : महेंद्र सिंह ठाकुर और भूमिका साहा अभिनीत यह एक्शन फिल्म 14 नवंबर 2025 को आई।
एम.ए. प्रीवियस: राज वर्मा और दीपक साहू की यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म 7 नवंबर 2025 को रिलीज़ हुई।

सुहाग यह 2025 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक रही। फिल्म को दर्शकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और बुक माई शो पर इसे 7.9/10 की शानदार रेटिंग प्राप्त है।
का इहीला कइथे मया  अक्टूबर 2025 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को ब्लॉक बस्टर का दर्जा दिया गया है। मन कुरैशी और इशिका यादव की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म अपनी रिलीज़ के बाद काफी चर्चा में रही।
दंतेला अगस्त 2025 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने सराहा। इसे छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए एक गेम चेंजर माना गया, जिसने अभिनय और तकनीकी गुणवत्ता के मामले में नए मानक स्थापित किए।
जिमीकांदा मई 2025 में आई इस फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की और इसे वर्ष की सफल फिल्मों की सूची में प्रमुखता से रखा गया है।
2025 में रिलीज़ हुई छत्तीसगढ़ी फिल्म माटी की रेटिंग विभिन्न प्लेटफार्मों पर इस प्रकार रही
बुक माई शो: इस फिल्म को दर्शकों द्वारा बहुत सराहा गया और इसे 8.4/10 की रेटिंग मिली है.
सैकनिल्क इस प्लेटफार्म पर फिल्म की यूजर रेटिंग 4.6/10 दर्ज की गई है.
समीक्षा फिल्म के रिव्यू में दर्शकों ने इसे शानदार बताया और इसके अभिनय व निर्देशन की काफी प्रशंसा की है। इसे छत्तीसगढ़ी सिनेमा (छॉलीवुड) में फिल्म निर्माण के पैटर्न को बदलने वाली फिल्म माना गया है.

छॉलीवुड के नाम से जानी जाने वाली छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री, मुख्य रूप से समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों, सरकारी समर्थन और राज्य के बाहर सीमित स्क्रीनिंग के ज़रिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। हालांकि, इसे अभी भी बड़ी क्षेत्रीय इंडस्ट्रीज़ की तुलना में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ पर चर्चा करे तो निष्कर्ष इस प्रकार निकलता है –
प्रगति और राष्ट्रीय पहचान
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार इंडस्ट्री ने तब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की जब फिल्म भूलन द मेज 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीतकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाली पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म बनी। इससे इंडस्ट्री की क्षमता पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान गया।
सरकारी पहल

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 पेश की है और चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए 150 करोड़ रूपए का बजट मंज़ूर किया है। इन पहलों का मकसद निवेश आकर्षित करना, स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना और राज्य की संस्कृति और स्थानों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बढ़ावा देना है।
अद्वितीय पहचान

छत्तीसगढ़ी सिनेमा राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक कथाओं और सामाजिक चिंताओं में गहराई से जुड़ा हुआ है, जो इसे एक अलग पहचान देता है जो इसे अन्य फिल्म इंडस्ट्रीज़ से अलग करती है।
पहुंच का विस्ताररू छत्तीसगढ़ी फिल्में अब कभी-कभी छत्तीसगढ़ के बाहर के सिनेमाघरों में भी दिखाई जाती हैं, खासकर नागपुर जैसे शहरों में, जहाँ छत्तीसगढ़ी बोलने वाले दर्शक काफी संख्या में हैं।
चुनौतियाँ
सीमित बुनियादी ढाँचा एक बड़ी चुनौती राज्य के भीतर सिनेमा हॉलों की अपर्याप्त संख्या है, जिससे फिल्म निर्माताओं के लिए व्यापक दर्शकों तक पहुँचना और प्रोडक्शन लागत वसूल करना मुश्किल हो जाता है।
वित्तीय बाधाएँ हालांकि एक फिल्म नीति मौजूद है, लेकिन स्थानीय फिल्म निर्माताओं के लिए विशिष्ट सहायता संरचनाएँ और सब्सिडी स्पष्ट नहीं हैं, जो वित्तीय स्थिरता और विकास में बाधा डालती हैं।
प्रतिस्पर्धा इंडस्ट्री सालाना अच्छी संख्या में फिल्में (40-50) बनाती है, जिससे आंतरिक प्रतिस्पर्धा होती है जो व्यक्तिगत फिल्मों की कमाई को प्रभावित कर सकती है।
संक्षेप में कहें तो छॉलीवुड ने कुछ पुरस्कार विजेता फिल्मों के साथ अपनी पहचान बनाई है और राज्य सरकार से बढ़ा हुआ समर्थन मिल रहा है, यह अभी भी राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

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